मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह से उग्र हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज प्रदेश भर के मौसम को लेकर एक बड़ा और डरावना अपडेट जारी किया है। मौसम विभाग ने राजधानी भोपाल और आर्थिक राजधानी इंदौर समेत मध्य प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में भारी से अतिभारी बारिश का अलर्ट (Heavy Rain Alert) जारी किया है। लगातार हो रही बारिश और आने वाली चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने भी कमर कस ली है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, एक साथ तीन वेदर सिस्टम सक्रिय होने के कारण प्रदेश में “बारिश का कोटा” इस हफ्ते ही पूरा होने की उम्मीद है।
भोपाल, इंदौर, उज्जैन संभाग में ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert)
मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों के दौरान प्रदेश के मध्य, पश्चिम और दक्षिणी हिस्सों में मानसून का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जहाँ 4 से 8 इंच तक बारिश दर्ज की जा सकती है।
इन जिलों में अतिभारी बारिश की चेतावनी
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भोपाल संभाग: भोपाल, सीहोर, रायसेन, राजगढ़, विदिशा।
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इंदौर संभाग: इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर।
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नर्मदापुरम संभाग: नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल।
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उज्जैन संभाग: उज्जैन, देवास, आगर-मालवा, शाजापुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच।
इन जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली (Lightning) गिरने की भी प्रबल संभावना है।
नदियां उफान पर, बांधों के गेट खुलने को तैयार
लगातार हो रही बारिश के कारण मध्य प्रदेश की प्रमुख नदियां—नर्मदा, चंबल, बेतवा, क्षिप्रा और तवा उफान पर हैं। भोपाल के बड़ा तालाब (भोजताल) का जलस्तर भी खतरे के निशान के करीब पहुँच गया है। नर्मदापुरम में नर्मदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिसके कारण तवा और बरगी बांध के गेट कभी भी खोले जा सकते हैं।
किसानों के लिए मौसम विभाग की खास सलाह
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य प्रदेश में हो रही यह मानसूनी बारिश खरीफ फसलों (सोयाबीन, मक्का, धान आदि) के लिए बेहद संजीवनी साबित होगी और इससे फसलों को बड़ा फायदा पहुंचेगा।
हालांकि, जिन इलाकों में मूसलाधार और लगातार बारिश का दौर जारी है, वहाँ के किसानों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है:
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जल निकासी का प्रबंध करें: खेतों में जरूरत से ज्यादा पानी जमा न होने दें। फसल को सड़ने और नुकसान से बचाने के लिए पानी की तुरंत निकासी (Drainage) का इंतज़ाम रखें।
- खाद व कीटनाशक के छिड़काव से बचें: तेज बारिश के दौरान खेतों में खाद, यूरिया या किसी भी तरह के कीटनाशक (Pesticides) का स्प्रे न करें, वरना बारिश के पानी के साथ दवा धुल जाएगी। छिड़काव केवल मौसम साफ होने या बेहद जरूरी होने पर ही करें।
निचले इलाकों के लिए एडवाइजरी: प्रशासन ने नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और रपटे/पुलिया पार न करने की सख्त हिदायत दी है।