Rajasthan Free Rooftop Solar Scheme 2026: राजस्थान के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब प्रदेश में हजारों परिवारों को बिना किसी शुरुआती खर्च के घर की छत पर रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने की सुविधा मिलेगी। इस योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं को हर महीने 150 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ मिल सकेगा।
राज्य के जयपुर, जोधपुर और अजमेर डिस्कॉम सितंबर 2026 से यूटिलिटी-लेड एग्रीगेशन (ULA) मॉडल के तहत यह योजना शुरू करने जा रहे हैं। इस मॉडल में उपभोक्ता को सोलर प्लांट लगाने के लिए कोई निवेश नहीं करना होगा, केवल अपनी छत उपलब्ध करानी होगी।
3 लाख घरों पर लगाए जाएंगे सोलर प्लांट
केंद्र सरकार ने ULA मॉडल के तहत प्रत्येक डिस्कॉम को 1 लाख घरों में रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने का लक्ष्य दिया है। इस प्रकार राजस्थान के तीनों डिस्कॉम मिलकर करीब 3 लाख घरों पर सोलर प्लांट स्थापित करेंगे। इन प्लांटों की कुल क्षमता लगभग 330 मेगावाट होगी।
किन परिवारों को मिलेगा लाभ?
इस योजना का लाभ प्राथमिकता के आधार पर पात्र परिवारों को दिया जाएगा। इनमें शामिल हैं—
- प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के लाभार्थी
- बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवार
- अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) परिवार
- ऐसे घरेलू बिजली उपभोक्ता जिनकी मासिक बिजली खपत 50 यूनिट से कम है।
प्रदेश में मुख्यमंत्री निशुल्क बिजली योजना के तहत लगभग 77 लाख उपभोक्ता पंजीकृत हैं, लेकिन वर्ष 2026 में पहले चरण में 3 लाख घरों को ही इस योजना का लाभ मिलेगा।
उपभोक्ता को क्या करना होगा?
इस योजना में उपभोक्ता को केवल अपने घर की छत पर सोलर प्लांट लगाने की अनुमति देनी होगी। प्लांट लगाने, उसकी स्थापना, तकनीकी कार्य और रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी डिस्कॉम और चयनित वेंडर की होगी।
कौन देगा सोलर प्लांट का खर्च?
सोलर प्लांट लगाने का पूरा कार्य डिस्कॉम द्वारा टेंडर के माध्यम से चयनित वेंडर करेंगे। वेंडर को केंद्र सरकार से निर्धारित सब्सिडी मिलेगी, जबकि शेष भुगतान संबंधित डिस्कॉम किस्तों में करेगा। इससे उपभोक्ता को किसी प्रकार का अतिरिक्त खर्च नहीं उठाना पड़ेगा।
10 साल तक वेंडर करेगा मेंटेनेंस
योजना के तहत लगाए जाने वाले सभी रूफटॉप सोलर प्लांट का ऑपरेशन और मेंटेनेंस 10 वर्षों तक संबंधित वेंडर करेगा। यदि किसी प्लांट से बिजली उत्पादन कम होता है या तकनीकी खराबी आती है, तो उसका सुधार भी वेंडर द्वारा किया जाएगा।
ऑनलाइन होगी निगरानी
सभी सोलर प्लांट रिमोट मॉनिटरिंग सिस्टम से जुड़े होंगे, जिससे उनकी रियल टाइम ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी। डिस्कॉम उपकरणों की खरीद, स्थापना, गुणवत्ता नियंत्रण और तकनीकी प्रक्रिया की निगरानी करेगा, ताकि उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा मिल सके।
7 अगस्त को खुलेगी टेक्निकल बिड
योजना के लिए राजस्थान के सभी 45 सर्किलों में टेंडर जारी किए जा चुके हैं। डिस्कॉम द्वारा 7 अगस्त को टेक्निकल बिड खोली जाएगी, जिसके बाद चयनित वेंडर के माध्यम से सितंबर से सोलर प्लांट लगाने का कार्य शुरू होने की संभावना है।
राजस्थान सरकार और केंद्र सरकार की इस पहल से लाखों बिजली उपभोक्ताओं को बिना निवेश के रूफटॉप सोलर प्लांट का लाभ मिलेगा। पहले चरण में 3 लाख पात्र परिवारों के घरों पर सोलर प्लांट लगाए जाएंगे, जिससे उन्हें हर महीने 150 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ मिल सकेगा। यह योजना स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ बिजली बिल का बोझ कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।